तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती