हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |