मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

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मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....

फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता