दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी में हाथ नहीं उठता बस नज़रों से गिरा देता हूँ
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो