पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

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समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता