रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं