तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं