यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
मत भागो किसी के पीछे जो जाता है उसे जाने दो आएगा वही वापस लौट कर खुद को जऱा कामयाब तो होने दो
दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है
अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
मत भागो किसी के पीछे जो जाता है उसे जाने दो आएगा वही वापस लौट कर खुद को जऱा कामयाब तो होने दो
दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है
अगर परमात्मा तुम्हे कष्ट के पास ले आया तो अवश्य ही वो तुम्हे कष्ट के पार भी ले जाएगा