हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

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तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा

मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा

दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए

तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा

बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा

मुझे कमज़ोर समझने की गलती मत करना प्यार और वार वक़्त आने पे करुगा

दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए