हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

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झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

ऐटिटूड तो बच्चे दिखाते है हम तो लोगो को उनकी औकात दिखाते है

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

ऐटिटूड तो बच्चे दिखाते है हम तो लोगो को उनकी औकात दिखाते है

जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है

फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये