बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

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वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं

गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता

में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको