हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
हम अपनी इस अदा पर थोड़ा गुरूर करते हैं, किसी से प्यार हो या नफरत भरपूर करते हैं
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल