जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही