प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया, घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!