तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

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आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

इस संसार में, हर किसी को, अपने "ज्ञान" का "घमंड" हैं…परन्तु किसी को भी अपने …घमंड" का "ज्ञान" नहीं हैं