फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..