तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

Share:

More Like This

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया

किसी ने क्या खूब लिखा है, मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..

जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

ज़िद्दी हु गुस्से वाला हु बद्तमीज़ हु बेपरवाह भी हु लेकिन मेने कभी किसी को धोखा नहीं दिया