गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं