हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो