नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए