जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥