हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं