कुछ लोग मुझे गलत समझते हैं तो मुझे बुरा नहीं लगता, क्योंकि वह मुझे उतना ही समझते हैं जितनी उन्हें समझ है
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
कुछ लोग मुझे गलत समझते हैं तो मुझे बुरा नहीं लगता, क्योंकि वह मुझे उतना ही समझते हैं जितनी उन्हें समझ है
जिन्दगी से एक सबक मिला हैं अकड़ मैं रहोगे तो लोग अपनी औकात मैं रहेंगे
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती
सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है
हम दोनों बराबर जिद्दी रहे हमेशा ना उसने गुस्सा कम किया ना मैंने प्यार
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!