बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
जलना जलाना यह सब फ़ुज़ूल है, अपने काम में मस्त रहना यह अपना उसूल है
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
जलना जलाना यह सब फ़ुज़ूल है, अपने काम में मस्त रहना यह अपना उसूल है
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं