रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!