हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई