प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!