खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती