वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं