आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.

आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.

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शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं