तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .