कॉलेज ही एक छात्र के भविष्य को तय करता हैं कि वह उन 3-4 सालों में क्या करता हैं.
स्कूल पर पीते थे अंजुलि से पानी, कितनी दिल लुभानी थी स्कूल के दिनों की कहानी.
जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.
एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.
कॉलेज ही एक छात्र के भविष्य को तय करता हैं कि वह उन 3-4 सालों में क्या करता हैं.
स्कूल पर पीते थे अंजुलि से पानी, कितनी दिल लुभानी थी स्कूल के दिनों की कहानी.
जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.
एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.