बच्चों को स्कूल अच्छा नहीं लगता है परन्तु बच्चों के जीवन को स्कूल ही अच्छा बनाता हैं.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.
एक माँ-बाप में एक स्कूल, एक अध्यापक, एक रक्षक और वो सारी चीजें छुपी होती है जो एक बच्चे की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदत करती हैं.
जब मैं अपने जीवन में सफल हुआ तो मुझे अपने गुरू की वो फटकार याद आई, पढ़ाई का काम पूरा न होने पर उनकी हल्की सी मार याद आई.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.
बच्चों को स्कूल अच्छा नहीं लगता है परन्तु बच्चों के जीवन को स्कूल ही अच्छा बनाता हैं.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.
एक माँ-बाप में एक स्कूल, एक अध्यापक, एक रक्षक और वो सारी चीजें छुपी होती है जो एक बच्चे की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदत करती हैं.
जब मैं अपने जीवन में सफल हुआ तो मुझे अपने गुरू की वो फटकार याद आई, पढ़ाई का काम पूरा न होने पर उनकी हल्की सी मार याद आई.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.