स्कूल के दिनों से ही कॉलेज जाने की बेसब्री रहती हैं क्योंकि जब मन होगा पढूँगा, जब मन होगा क्लास करूँगा और पूरी तरह आजाद रहूँगा.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.
कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.
जब मैं अपने जीवन में सफल हुआ तो मुझे अपने गुरू की वो फटकार याद आई, पढ़ाई का काम पूरा न होने पर उनकी हल्की सी मार याद आई.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.
स्कूल के दिनों से ही कॉलेज जाने की बेसब्री रहती हैं क्योंकि जब मन होगा पढूँगा, जब मन होगा क्लास करूँगा और पूरी तरह आजाद रहूँगा.
स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.
एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.
कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.
जब मैं अपने जीवन में सफल हुआ तो मुझे अपने गुरू की वो फटकार याद आई, पढ़ाई का काम पूरा न होने पर उनकी हल्की सी मार याद आई.
अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.