जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

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स्कूल पर पीते थे अंजुलि से पानी, कितनी दिल लुभानी थी स्कूल के दिनों की कहानी.

जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.

बहुत दिनों बाद स्कूल के सामने से निकला तो स्कूल ने पूछा : मुझसे तो तू बहुत परेशान था अब ये बता कि जिन्दगी के इम्तिहान कैसे चल रहे हैं?

अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.

कॉलेज ही एक छात्र के भविष्य को तय करता हैं कि वह उन 3-4 सालों में क्या करता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.

स्कूल पर पीते थे अंजुलि से पानी, कितनी दिल लुभानी थी स्कूल के दिनों की कहानी.

जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.

बहुत दिनों बाद स्कूल के सामने से निकला तो स्कूल ने पूछा : मुझसे तो तू बहुत परेशान था अब ये बता कि जिन्दगी के इम्तिहान कैसे चल रहे हैं?

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कॉलेज ही एक छात्र के भविष्य को तय करता हैं कि वह उन 3-4 सालों में क्या करता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.