बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..

बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..

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मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..

मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर, इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’ अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में, अपने द्वारा की गयी गलतियों को धन्यवाद देना चाहिए. –

मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..

मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर, इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’ अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता

मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में, अपने द्वारा की गयी गलतियों को धन्यवाद देना चाहिए. –