बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..
मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..
गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..
“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.
मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद
आपकी दुआओं ने दिन को खुशनुमा बना दिया खुल के जीने का उमंग दिल में जगा दिया आपकी बधाई के लिए आपका शुक्रिया.
बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..
मुबारक़ कहें कैसे कैसे कहें शुक्रिया अभी शुरू भी न हो सकी गुफ़्तगू कैसे कहें अलविदा ..
गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..
“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.
मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद
आपकी दुआओं ने दिन को खुशनुमा बना दिया खुल के जीने का उमंग दिल में जगा दिया आपकी बधाई के लिए आपका शुक्रिया.