आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.
किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You
मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद
गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..
मुझे तो लगा था, तुम भूल गये मुझे लेकिन तुम्हारे Wish ने बता दिया कि अब तुम्हारे सबसे पास हूँ मैं भले तुमसे दूर सही लेकिन खास हूँ मैं. Thank you for your lovely wishes.
सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर, इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’ अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता
आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.
किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You
मुझको फिर वो सुनहरा नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यों करूँ, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया…धन्यवाद
गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..
मुझे तो लगा था, तुम भूल गये मुझे लेकिन तुम्हारे Wish ने बता दिया कि अब तुम्हारे सबसे पास हूँ मैं भले तुमसे दूर सही लेकिन खास हूँ मैं. Thank you for your lovely wishes.
सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर, इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’ अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता