किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

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हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में, अपने द्वारा की गयी गलतियों को धन्यवाद देना चाहिए. –

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मैं शुक्रगुजार हूँ…उन तमाम लोगो का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ा क्योकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसीबतों से अकेला ही निपट सकता हूँ.

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..

“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.

हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में, अपने द्वारा की गयी गलतियों को धन्यवाद देना चाहिए. –

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मैं शुक्रगुजार हूँ…उन तमाम लोगो का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ा क्योकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसीबतों से अकेला ही निपट सकता हूँ.

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

बात ऐसी हो की जज़्बात कम ना हो खयालात ऐसे हों की कभी ग़म ना हो दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना की खाली – खाली सा लगे जब हम ना हों ..

“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.