मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

मैं तो कांच का टुकड़ा था तुमने ही हीरा बनाया, कैसे शुक्रिया अदा करूँ तूने जो जीना सिखा दिया.

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गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.

ऐ खुदा, धन्यवाद… जीवन में दुःख, मुसीबत, जोखिम और चुनौतियों को देने के लिए, क्योंकि मैंने अपने जीवन में सबसे अधिक ऐसे ही हलातों में सीखा हैं.

तुम ही तो थे, जिसने थामा था मेरा हाथ दूर थे जब सभी, तब दिया था मेरा साथ। साथ हैं आज भी, जैसे चांद और रात अंधेरों में भी अब, डरने की क्या बात। आज तहे दिल से, शुक्रिया अदा तुम्हारा करती हूं

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

गुलदस्ता मेरे हाथ में चेहरे पर मुस्कान ऐ जाने वाले रखना अपना ध्यान ..

आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.

ऐ खुदा, धन्यवाद… जीवन में दुःख, मुसीबत, जोखिम और चुनौतियों को देने के लिए, क्योंकि मैंने अपने जीवन में सबसे अधिक ऐसे ही हलातों में सीखा हैं.

तुम ही तो थे, जिसने थामा था मेरा हाथ दूर थे जब सभी, तब दिया था मेरा साथ। साथ हैं आज भी, जैसे चांद और रात अंधेरों में भी अब, डरने की क्या बात। आज तहे दिल से, शुक्रिया अदा तुम्हारा करती हूं

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, ज़मीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नज़रों में समां कर, पलकों पे सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको, कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया… Thank You

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया