आपकी दुआओं ने दिन को खुशनुमा बना दिया खुल के जीने का उमंग दिल में जगा दिया आपकी बधाई के लिए आपका शुक्रिया.

आपकी दुआओं ने दिन को खुशनुमा बना दिया खुल के जीने का उमंग दिल में जगा दिया आपकी बधाई के लिए आपका शुक्रिया.

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आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.

मुझे तो लगा था, तुम भूल गये मुझे लेकिन तुम्हारे Wish ने बता दिया कि अब तुम्हारे सबसे पास हूँ मैं भले तुमसे दूर सही लेकिन खास हूँ मैं. Thank you for your lovely wishes.

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, जमीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नजरों में समां कर, पलकों पर सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया.–

आपके कॉल से दिन की शुरुआत, क्या हो सकती है इससे अच्छी बात बधाइयों के लिए शुक्रिया, शुक्रिया, शुक्रिया.

मुझे तो लगा था, तुम भूल गये मुझे लेकिन तुम्हारे Wish ने बता दिया कि अब तुम्हारे सबसे पास हूँ मैं भले तुमसे दूर सही लेकिन खास हूँ मैं. Thank you for your lovely wishes.

ओ सर्दियों की मनमोहिनी धूप तेरा शुक्रिया हे सूर्य नारायण तेरा शुक्रिया ओ ठिठुरन से मुक्ति दिलाने वाले तेरा शुक्रिया शक्ति के संचारी तेरा शुक्रिया तुमसे ही तो ठंडे पड़े रिश्तो में गरमाहट आयी हे गरमाहट के देव तेरा शुक्रिया सौंधी सौंधी धूप में छिटपुट खेलो के लिए शुक्रिया हे जगदीश्वर तेरा शुक्रिया

मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद मेरा मित्र, गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद

“Thank You” उस वक्त के लिए, जब मैं लगभग मुस्कुराना भूल गया था और तुमने मुझे हसायाँ.

किस तरह से शुक्रिया कहें आपको, जमीन से उठा कर दिल में बिठा लिया, नजरों में समां कर, पलकों पर सजा दिया, इतना प्यार दिया आपने हमको कि मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया.–