मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु
ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना हमारे दोस्त तोह पहले से ही बारूद है
प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते...पत्ते वहीं सुन्दर दिखते हैं जो शाख से टूटा नही करते...!!
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु
ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना हमारे दोस्त तोह पहले से ही बारूद है
प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते...पत्ते वहीं सुन्दर दिखते हैं जो शाख से टूटा नही करते...!!
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा