ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।
वक्त अच्छा था तब उन्हें हमारी गलती मजाक लगती थी, अब वक्त बुरा आया तो हमारा मजाक भी उन्हें गलती लगती है।
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।
ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।
वक्त अच्छा था तब उन्हें हमारी गलती मजाक लगती थी, अब वक्त बुरा आया तो हमारा मजाक भी उन्हें गलती लगती है।
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।