ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ

Share:

More Like This

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है