बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा
हम अपना status दिलो पर update करते है WhatsApp पर नहीं
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
हमसे उलझने से पहले हमारा इतिहास जान लो सीधा चेहरा इतिहास गहरा
हम अपना status दिलो पर update करते है WhatsApp पर नहीं
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर, खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!