हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

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मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे

मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे