जैसी DP वैसा मैं !!
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
जैसी DP वैसा मैं !!
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु