हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

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दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है

मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

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हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

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