हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है

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झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है