मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।
डूबे हुए को हमने बैठाया था अपनी नांव में यारों और, फिर नाँव का बोझ कहकर, हमें ही उतार दिया।
ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।
सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
Emotional व्यक्ति को किसी दूसरे का साथ मिल जाए तो, वह कुछ भी कर सकता है.
मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।
डूबे हुए को हमने बैठाया था अपनी नांव में यारों और, फिर नाँव का बोझ कहकर, हमें ही उतार दिया।
ज़िन्दगी हमें बहुत सी चीजें मुफ्त में देती हैं लेकिन इनकी कीमत हमें तब पता चलती है जब ये चीजें कहीं खो जाती हैं।
सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
Emotional व्यक्ति को किसी दूसरे का साथ मिल जाए तो, वह कुछ भी कर सकता है.