Emotions में इतना ज्यादा बह जाना भी ठीक नहीं होता है, कि आप गलत का साथ देने लगें और सच से नजरें चुराने लगें.

Emotions में इतना ज्यादा बह जाना भी ठीक नहीं होता है, कि आप गलत का साथ देने लगें और सच से नजरें चुराने लगें.

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क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.

जिन्हें मालूम है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग हमेशा दूसरो के लिए हाजिर रहते है।

नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो

टूटे हुए सपने और छूटे हुए अपने जिन्दगी में बार-बार नहीं मिलते हैं इसलिए इनकी चीजों की कद्र करो।

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.

जिन्हें मालूम है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग हमेशा दूसरो के लिए हाजिर रहते है।

नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो

टूटे हुए सपने और छूटे हुए अपने जिन्दगी में बार-बार नहीं मिलते हैं इसलिए इनकी चीजों की कद्र करो।

जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।