ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।
जिन्हें मालूम है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग हमेशा दूसरो के लिए हाजिर रहते है।
अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।
मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।
इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.
इस दिल ने कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहा, ये बात और है कि मुझे ये साबित करना नहीं आया।
ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।
जिन्हें मालूम है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग हमेशा दूसरो के लिए हाजिर रहते है।
अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।
मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।
इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.
इस दिल ने कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहा, ये बात और है कि मुझे ये साबित करना नहीं आया।