जिन्दगी में कुछ ऐसे हादसे भी होते है, जिसमे इंसान तो बच जाता है, लेकिन जिन्दा नहीं रह पाता।
डूबे हुए को हमने बैठाया था अपनी नांव में यारों और, फिर नाँव का बोझ कहकर, हमें ही उतार दिया।
इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.
किसी के दूर जाने से उतनी तकलीफ कभी नहीं होती है जितनी तकलीफ तब होती है जब कोई पास होकर भी हमसे दूरियाँ बना लें।
जो आप पर आँखे मूँद करके विश्वास करता हो, ऐसे इंसानों को कभी धोखा न दें क्योकि ऐसे इंसान किस्मत वालों को ही मिलते हैं।
ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।
जिन्दगी में कुछ ऐसे हादसे भी होते है, जिसमे इंसान तो बच जाता है, लेकिन जिन्दा नहीं रह पाता।
डूबे हुए को हमने बैठाया था अपनी नांव में यारों और, फिर नाँव का बोझ कहकर, हमें ही उतार दिया।
इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.
किसी के दूर जाने से उतनी तकलीफ कभी नहीं होती है जितनी तकलीफ तब होती है जब कोई पास होकर भी हमसे दूरियाँ बना लें।
जो आप पर आँखे मूँद करके विश्वास करता हो, ऐसे इंसानों को कभी धोखा न दें क्योकि ऐसे इंसान किस्मत वालों को ही मिलते हैं।
ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।