इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
वो जो सबके सामने कभी जिक्र नहीं करता, अन्दर ही अन्दर बहुत फ़िक्र करता है।
रिश्ता हमेशा दिल से होना चाहिए शब्दों से नहीं.
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.
इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
वो जो सबके सामने कभी जिक्र नहीं करता, अन्दर ही अन्दर बहुत फ़िक्र करता है।
रिश्ता हमेशा दिल से होना चाहिए शब्दों से नहीं.
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.