तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
जो लोग जरूरत से ज्यादा Emotional होते हैं, वो लोग बेवफाओं के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद कर लेते हैं.
जो इंसान खुद और खुद के सपने के बारे में नहीं सोचता, वो दरअसल सोचता ही नही हैं.
कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।
जो आप पर आँखे मूँद करके विश्वास करता हो, ऐसे इंसानों को कभी धोखा न दें क्योकि ऐसे इंसान किस्मत वालों को ही मिलते हैं।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
जो लोग जरूरत से ज्यादा Emotional होते हैं, वो लोग बेवफाओं के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद कर लेते हैं.
जो इंसान खुद और खुद के सपने के बारे में नहीं सोचता, वो दरअसल सोचता ही नही हैं.
कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।
जो आप पर आँखे मूँद करके विश्वास करता हो, ऐसे इंसानों को कभी धोखा न दें क्योकि ऐसे इंसान किस्मत वालों को ही मिलते हैं।