घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।

घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।

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इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।

इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!

ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।