घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।
वो मासूम रोटी चुरा कर चोर बन गया, और लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते-लिखते।
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।
वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।
वो लोग दुश्मन बनकर मुझे जीतने चले थे, अगर महोब्बत कर लेते तो मैं खुद ही हार जाता।
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।
वो मासूम रोटी चुरा कर चोर बन गया, और लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते-लिखते।
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।
वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।
वो लोग दुश्मन बनकर मुझे जीतने चले थे, अगर महोब्बत कर लेते तो मैं खुद ही हार जाता।