नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
एक तरफा Emotions हमेशा दुख देते हैं, इसलिए ऐसे emotions को समय रहते नियंत्रित कर लेना चाहिए
कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।
जो इंसान ज्यादा Emotional होता है, ऐसे इंसानों के दिलों को लोग आसानी से ठेस पहुँचाते रहते हैं.
वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।
नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
एक तरफा Emotions हमेशा दुख देते हैं, इसलिए ऐसे emotions को समय रहते नियंत्रित कर लेना चाहिए
कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
घुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती, घुस्सा आने पर शांत बैठने पर ताकत ज़रूर लगती है।
जो इंसान ज्यादा Emotional होता है, ऐसे इंसानों के दिलों को लोग आसानी से ठेस पहुँचाते रहते हैं.
वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।