जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

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नसीहत वो सच्ची बातें हैं, जिन्हें हम कभी ध्यान से नहीं सुनते। और … तारीफ वह धोखा है, जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं, और अपने आप पर झूठा घमंड करते हैं।

रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!

कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।

नसीहत वो सच्ची बातें हैं, जिन्हें हम कभी ध्यान से नहीं सुनते। और … तारीफ वह धोखा है, जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं, और अपने आप पर झूठा घमंड करते हैं।

रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!

कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।