व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।
अपने आपको किसी भी काम में व्यस्त रखें क्योंकि, व्यस्त इंसान को दुखी होने का वक़्त नहीं मिलता….
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
कहते हैं दोस्त बनाना ज़िन्दगी है, दोस्ती निभाना ज़िन्दगी है, कितने भी व्यस्त क्यों न रहो दिन भर, मगर एक पल मुस्कराना ही जिंदगी है …
खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।
अपने आपको किसी भी काम में व्यस्त रखें क्योंकि, व्यस्त इंसान को दुखी होने का वक़्त नहीं मिलता….
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
कहते हैं दोस्त बनाना ज़िन्दगी है, दोस्ती निभाना ज़िन्दगी है, कितने भी व्यस्त क्यों न रहो दिन भर, मगर एक पल मुस्कराना ही जिंदगी है …
खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..