ये वक़्त नहीं खजाना है साहब लोग तब ही निकलते हैं जब उनके फायदे की बात हो।

ये वक़्त नहीं खजाना है साहब लोग तब ही निकलते हैं जब उनके फायदे की बात हो।

Share:

More Like This

आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।

व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।

खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।

जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया

आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।

व्यस्त रहना तो बस एक बहाना है साहब सच तो ये है की आज कल बेवजह किसी से कोई मतलब नहीं रखता।

खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।

जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया