में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..

में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..

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अपने आपको किसी भी काम में व्यस्त रखें क्योंकि, व्यस्त इंसान को दुखी होने का वक़्त नहीं मिलता….

आज इस दौर में, हसीं में छुपी मस्ती कहाँ, और लबो की मुस्कान इतनी सस्ती कहाँ…

Busy हूँ बस एक बहाना है सच तो ये है की उसे काफी काम आ गए हैं क्यूंकि तुम अब उसके किसी काम के नहीं रहे।

हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.

हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।

अपने आपको किसी भी काम में व्यस्त रखें क्योंकि, व्यस्त इंसान को दुखी होने का वक़्त नहीं मिलता….

आज इस दौर में, हसीं में छुपी मस्ती कहाँ, और लबो की मुस्कान इतनी सस्ती कहाँ…

Busy हूँ बस एक बहाना है सच तो ये है की उसे काफी काम आ गए हैं क्यूंकि तुम अब उसके किसी काम के नहीं रहे।

हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.

हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।