इस दौर में हर कोई Busy होने का चोला ओढ़कर बैठा है मानो खुद को इंसान की बस्ती का खुदा समझ बैठा है.
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
Busy होने पर भी वो मेरे लिए समय निकाल लेता है वो शख्स सच मैं मुझे खुद से ज्यादा अहमियत देता है.
हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।
मेरे पास नफरत करने वालों के लिए वक़्त नहीं क्यूंकि मैं तो अपने चाहने वालों के संग व्यस्त हूँ।
इस दौर में हर कोई Busy होने का चोला ओढ़कर बैठा है मानो खुद को इंसान की बस्ती का खुदा समझ बैठा है.
ऐशो-आराम कमाने में इतने भी व्यस्त मत हो जाना की आपके अपने आपसे ही दूर हो जाए।
मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
Busy होने पर भी वो मेरे लिए समय निकाल लेता है वो शख्स सच मैं मुझे खुद से ज्यादा अहमियत देता है.
हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।
मेरे पास नफरत करने वालों के लिए वक़्त नहीं क्यूंकि मैं तो अपने चाहने वालों के संग व्यस्त हूँ।