वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..