तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है