पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है