गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
जो गया उसे जाने दो प्यार ही तो था कहीं और से आने दो
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”