जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!

जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!

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दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता

कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता

कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

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