कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !