अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा, तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
ये तो सच है क़ि तुम्हे चाहने वाले बहुत होंगे पर मेरी भी ज़िद है कि मुझे सिर्फ तुम चाहो