जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..!!
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!
जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..!!
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी.
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!