बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
पूछते हो ना मुझसे तुम हमेशा की मे कितना प्यार करता हू तुम्हे तो गिन लो बरसती हुई इन बूँदो को तुम……!!!!!!
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है| ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है|
पूछते हो ना मुझसे तुम हमेशा की मे कितना प्यार करता हू तुम्हे तो गिन लो बरसती हुई इन बूँदो को तुम……!!!!!!
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलकों को छुते ही सीधा दिल पे असर होता हैं, महका महका सावन आज इस दिल को बहका रहा हैं, गुमसुम सी नजरों को आज ये प्यार करना सिखा रहा हैं… हैप्पी मानसून!