बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश के मौसम में आपका दिल मचलता होगा, पानी में भीगने का दिल करता होगा, इसमें आपकी गलती नहीं, इस मौसम में हर मेंढक का यही हाल होता है…
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
ऐ बारिश ज़रा थमके बरस, जब मेरे यार आ जाये तो जमके बरस, पहले न बरस की वह आ न सके, फिर ईतना बरस की वो जा न सके…
बारिश के पानी को अपने हाथों में समेट लो, जितना आप समेट पाये उतना आप हमें चाहते है, और जितना न समेट पाए उतना हम आप को चाहते है…
बारिश के मौसम में आपका दिल मचलता होगा, पानी में भीगने का दिल करता होगा, इसमें आपकी गलती नहीं, इस मौसम में हर मेंढक का यही हाल होता है…
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं..!!
क्या मौसम आया है हर तरफ पानी ही पानी लाया है, एक जादू सा छाया है, तुम घरसे बहार मत निकलना वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं और मेंढक निकल आया है..
पूछती हो ना मुझसे तुम हमेशा की, मैं कितना प्यार करता हूँ तुम्हे, तो गिन लो.. बरसती हुई इन बूंदों को तुम!
ऐ बारिश ज़रा थमके बरस, जब मेरे यार आ जाये तो जमके बरस, पहले न बरस की वह आ न सके, फिर ईतना बरस की वो जा न सके…